जब सद्गुरु का आशीर्वाद मिल जाए तब रास्ते का पत्थर भी मंजिल की सीढ़ी बन जाता है : नवजीत भारद्वाज

  • By admin
  • November 26, 2020
  • 0
  • 109 Views
नवजीत भारद्वाज

मां बगलामुखी धाम में मासिक हवन यज्ञ 29 नवंबर रविवार को
मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में करवाया श्रृंखलाबद्ध सप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ
जालंधर 26 नवंबर (जसविंदर सिंह आजाद)- मां बगलामुखी धाम नजदीक लम्मां पिंड चौंक होशियारपुर रोड़ पर स्थित गुलमोहर सिटी में धाम के संस्थापक एवं संचालक नवजीत भारद्वाज की अध्यक्षता में साप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ करवाया गया। सबसे पहले पं. अविनाश गौतम ने नवग्रह, पंचोपचार, षोढषोपचार, गौरी, गणोश, कुंभ पूजन , मां बगलामुखी जी के निमित माला जाप कर आज के मुख्य यजमान मुकेश चौधरी ने सपरिवार से पूजा अर्चना उपरांत हवन यज्ञ में आहुतियां डलवाईं। इस यज्ञ में उपस्थित मां भक्तो से आहुतियां डलवाने के बाद नवजीत भारद्वाज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे दिन को सजाता है सूर्य और रात को सजाता है चांद, वैसे ही मानव जीवन को सौन्दर्य से युक्त करने का काम सद्गुरु करते हैं। किंतु यह अनुपम उपलिब्ध केवल सद्गुरु बनाने से प्राप्त नहीं होती है, बल्कि सद्गुरु के चरणों का दास बन जाने के बाद ही मानव जीवन शोभायमान होता है। उन्होने कहा कि संसार में चाहे कोई कितना ही बड़ा ज्ञानी हो अथवा ध्यानी, सिद्घ, संत हो या कोई महान विज्ञानी, चिकित्सक हो या शिक्षक, कोई उद्योगी हो या व्यवसायी जब तक उसे परमात्मा प्राप्त नहीं होते तब तक उसका जीवन गरिमा से युक्त नहीं होता। नवजीत भारद्वाज ने कहा कि प्रात:काल पूर्व दिशा में लालिमा लिए उदित होने वाला सूर्य समस्त ब्रह्माण्ड की आंख बनकर प्रकट होता है। सबको प्रकाशित करता है लेकिन यह बाहर की आंख है, बाहर का प्रकाश है, जिससे इंसान के बाहर की ओर खुले हुए चर्म चक्षुओं को लाभ प्राप्त होता है। जिससे संसार का सौन्दर्य दिखता है और मनुष्य इस असार की ओर आकर्षित हो जाता है। उन्होने कहा कि संसार सागर में अंधेरे और उजाले दोनों हैं। यह जरूरी नहीं कि जो आप अपने इन बाहर खुले हुए नेत्रों से देख रहे हैं, जो दृश्य साफ-साफ दिखाई दे रहा है वह सत्य का ही उजाला हो। उस चमकते हुए उजाले की परत के पीछे छिपा हुआ घना अंधकार भी हो सकता है। इस मानव देह में एक तीसरा ज्ञान चक्षु भी होता है, जिसके द्वारा अंधेरों और उजालों का अन्तर समझ आता है। जिसके द्वारा संसार नहीं संसार को बनाने वाला, लाखों-करोड़ों प्रकाशित सूर्य भी जिसकी बराबरी नहीं कर सकते, ऐसा जो ज्योति स्वरूप है, जो कण-कण में बसा हुआ है, सर्वव्यापक है, वह महान करतार दिखाई देता है। हवन यज्ञ के दौरान सोशल डिस्टेंस एवं सैनेटाइज़ेशन का खा़स ध्यान रखा गया।
इस अवसर पर कुमार गौरव,
गौरव कोहली, एडवोकेट राज कुमार, संजीव सांवरिया, विनोद खन्ना,संजीव शर्मा, राजेश महाजन, रोहित सिद्दू, बलजिंदर सिंह,ओंकार सिंह, रोहित बहल, यज्ञदत्त, पंकज,बावा खन्ना,मोहित बहल,पुनीत डोगरा, सोनू छाबड़ा, अशोक शर्मा, प्रवीण, सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
आरती उपरांत प्रसाद रूपी लंगर भंडारे का भी आयोजन किया गया।